*रामनगर* - *एसीएस ने जांची पीएचसी की नब्ज* डीएम सहित जिले व ब्लॉक भर का अमला रहा मौजूद, रामनगर पीएचसी की व्यवस्था देख कर अभिभूत हुए अधिकारी वही देवराजनगर की व्यवस्था को सुधारने की कही बात, कई सालों से डिस्मेंटल भवन में संचालित है
सीएचसी केंद्र रामनगर, पिछले बजट सत्र में नही हो पाई भवन की स्वीकृति, जल्द ही बजट उपलब्ध कराकर होगी कार्यवाही, 27 अप्रैल 2026 को अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग अशोक वर्णवाल ने मैहर जिले के रामनगर व देवराजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, इस दौरान मैहर कलेक्टर श्री मती विदिशा मुखर्जी संयुक्त संचालक स्वास्थ्य , श्रीमती सत्य भारती अवधिया, मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी सतना/मैहर डॉ.मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ.आर. एन पांडेय, डीपीएम राकेश कर्स, संभागीय अभियंता खरे जी,जिला सतना अभियंता अनीता मैडम, एमएनडी सतना निरपेक्ष सिंह,एसडीएम रामनगर एस.पी.मिश्रा, नायब तहसील दार रोशन लाल रावत, बीएमओ डॉ.आलोक अवधिया, सम्बन्धित चिकित्सक, बीपीएम, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, वार्ड बॉय सहित सफाई अमला भी मौजूद रहा, रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, एक्स रे एनआरसी, प्रसूति वार्ड,जनरल वार्ड,में पहुचकर व्यवस्थाएं देखते हुए प्रभारियों, कर्मचारियो भर्ती मरीजों से बात कर उनसे उपलब्ध सुविधाओ के बारे में जानकारी ली, वही स्टाफ को और बेहतर एवम व्यवस्थित होस्पिटलटी के बारे में बताते हुए उन्हें गुणवत्ता पूर्वक कार्य करने को प्रोत्साहित किया, इसके बाद देवराजनगर सीएचसी पहुचकर अस्पताल भवन, उपलब्ध सुविधाओ का जायजा ले, सम्बन्धित अमले को सुधार लाने के निर्देश दिए, मीडिया से बात करने के दौरान जब बताया गया कि देवराजनगर सीएचसी का पुराना भवन जिंसमे अस्पताल का संचालन हो रहा है विगत दो सालो पूर्व डिस्मेंटल घोषित किया जा चुका है, दीवालों पर क्रैक, छतों का निकलता प्लास्टर, धसता हुआ भवन कभी भी हादसे का सबब बन सकता है, जिसके लिए उन्होंने उच्च स्तरीय जानकारी लेते हुए, शीघ्र ही कार्यवाही करने की बात कही, वही सीएचसी केंद्रों में सिटी स्कैन, सोनोग्राफी, रेडियो ग्राफी, या विशेषज्ञ चिकित्सको की तैनाती विषय पर कहा कि हम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में यह सुविधाये नही दे सकते, यंहा पर जनरल मेडिसिन या सामान्य चिकित्सा सुविधाये मुहैया करवाई जा सकती है
, जबकि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बड़ी मात्रा में छोटे मोटे क्रैक्स, माइनर ओटी, अल्सर, या अन्य मरीज बड़ी तादात में आते है, जिनको किसी कदर एक्स रे जैसी शशुल्क सुविधाएं मिल जाती है सामान्य दवाइया मिल जाती है , खबर के मुताबिक उक्त विभागीय दो दिवसीय निरीक्षण दौरे में स्वास्थ्य आयुक्त धनराजू एस. का भी भृमण प्रस्तावित था, लेकिन किन्ही कारणों बस उनका दौरा नही हो पाया, इस दौरान जिला कलेक्टर मैहर श्री मती मुखर्जी ने भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवराजनगर के भवन, मरम्मत या अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अपने जिले मद से राशि उपलब्ध कराने की बात कहते हुए एसडीएम व बीएमओ को संयुक्त प्रस्ताव कार्ययोजना बनाकर,ज्ञअनुमानित खर्च आकलन कर कार्यवाही पेश करने के निर्देश दिए, आलम यह है कि मैहर/सतना जिले में महिलाओं व बच्चो, बुजुर्गों में पाया जाने वाला एनीमिया(रक्ताल्पता) जो कई प्रकार का होता है, जिंसमे आयरन डेफिशिएंसी एनीमिया, एना प्लास्टिक अनीमिया, विटामिन डेफिशिएंसी अनीमिया, मैगलोब्लास्टिक एनीमिया, सिकिल सेल एनीमिया, हिमोलिटिक एनीमिया, क्रोनिक बीमारी के कारण होने वाले एनीमिया के सेपरेशन के लिए कोई यूनिट नही है,सभी की सीबीसी एच बी, जांच करके, ही कोरम पूरा हो रहा है, जबकि उनके लिए आयरन स्टडीज,के अंतर्गत सीरम आयरन टेस्ट, फेरिटीन टेस्ट, टीआईबीसी ,पेरिफेरल स्मीयर, विटामिन बी 12 व फोलिक एसिड टेस्ट, हिमोसिस्टिन और एमएमए, बोन मैरो बायोप्सी, पीएनएच स्क्रिनिग, साइटों जेनेटिक्स भी किये जाते है, लेकिन अधिकांश जांचे जिले या संभाग तक मे उपलब्ध नही हो पाती जिसके चलते रक्ताल्पता विकारों के उच्च जोखिम स्तरों का पता भी नही चल पाता।