सीधी जिले के कुसमी ब्लाक मेडरा ग्रामीणों के द्वारा पटवारी के ऊपर सीमांकन एवं पैसा लेने का लगाया था आरोप जिसमें सरपंच और ग्रामीण के द्वारा निष्पक्ष जांच किया मांग

*मेडरा पटवारी के समर्थन में उतरे सरपंच व ग्रामीण, निष्पक्ष जांच की मांग*
सीधी के कुसमी तहसील के हल्का मेडरा के पटवारी राजकुमार रैदास के खिलाफ हाल ही में कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से भूमि सीमांकन करने एवं पैसे लेने के लगाए गए आरोपों के बीच अब ग्राम पंचायत मेडरा के सरपंच कुंवर देव सिहं सहित कई ग्रामीण और किसान खुलकर पटवारी के समर्थन में सामने आए हैं।

ग्राम पंचायत मेडरा के सरपंच कुंवर देव सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पटवारी पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने वाले कुछ लोग स्वयं अन्य किसानों की जमीन पर गलत तरीके से कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे, जिसकी जानकारी सीमांकन के दौरान सामने आई। इसी कारण वे पटवारी के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं। सरपंच ने दावा किया कि कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश ग्रामीण पटवारी के कार्य से संतुष्ट हैं।
ग्रामीण संतोष यादव ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने उनकी जमीन पर भी अपना आधिपत्य जमा लिया था और दूसरे के नाम बिक्री तक कर दी थी। मामले की जानकारी मिलने पर उन्होंने पटवारी से सीमांकन कराया, जिसके बाद उन्हें अपनी वास्तविक भूमि वापस मिल गई। उनका आरोप है कि इसी वजह से संबंधित लोग अब पटवारी की शिकायत कर रहे हैं।

पटवारी के समर्थन में सरपंच कुंवर देव सिंह के साथ वंश गोपाल यादव, उत्तम सिंह, संतोष यादव, कृष्ण लाल यादव, अनुज यादव सहित कई किसानों ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी और निष्पक्ष जांच की मांग की।

सरपंच ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सीमांकन पर आपत्ति है तो राजस्व नियमों के अनुसार संबंधित अधिकारी के समक्ष आपत्ति दर्ज कराकर दूसरे आरआई या पटवारी से दोबारा सीमांकन कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बिना जांच के पूरे गांव और पटवारी की छवि खराब करना उचित नहीं है।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। अब सभी की निगाहें राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच और उसके बाद आने वाले निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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