*"बेचो खाओ वाली सरकार है, इसे कल की फिकर नहीं": मैहर में विश्रामगृह बिक्री पर नारायण त्रिपाठी का फूटा गुस्सा*
_*बोले _देश ही लुट रहा है तो विश्रामगृह क्या चीज है*_
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*मैहर।* मैहर के पुराने विश्रामगृह को नीलामी पर चढ़ाने से तिलमिलाए पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी ने केंद्र की सत्ता पर सीधा हमला बोला है। भरे मन से उन्होंने कहा, "जब पूरा देश ही नीलाम हो रहा है तो मैहर का एक विश्रामगृह बिक जाए तो कौन सा पहाड़ टूट पड़ा? ये बेचो खाओ वाली तो सरकार ही है । इनको कल की कोई फिकर नहीं। आज बेचो, कल मजे करो। बस।"
*"इनके राज में सब नीलाम"*
आग उगलते हुए त्रिपाठी बोले, "पूछो इनसे कि क्या बचा दिया इन्होंने? रेल की जमीन नीलाम कर दी, स्टेशन दलालों को सौंप दिए। हवाई अड्डे बेच दिए। हवाई जहाज कंपनी कौड़ियों में बेच दी। भारत पेट्रोलियम बेचने की तैयारी है। माल ढुलाई कंपनी बेच दी। पवन हंस बेच दिया। नीलांचल इस्पात निगम बेच दिया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स बेच दिया। अस्पताल बनाने वाली कंपनी बेच दी। जीवन बीमा निगम का हिस्सा बेच दिया। औद्योगिक विकास बैंक बेच दिया। बंदरगाह, खेल मैदान, बिजली की लाइनें, राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कें - सब 30-50 साल के लिए पट्टे पर चढ़ा दिया। इनका एक ही मंत्र है - बेचो और खाओ। देश जाए भाड़ में।"
पूर्व विधायक श्री त्रिपाठी ने कहा कि"कल स्कूल बनाना होगा तो जमीन कहां से लाओगे? अस्पताल बनाना होगा तो जगह कहां मिलेगी? कारखाना लगाना होगा तो धरती कहां बचेगी? सब बेचकर खा जाओगे तो बच्चों के लिए क्या छोडोगे? ये देशद्रोह है, पीढ़ियों के साथ गद्दारी है।"
*"डबल इंजन के नाम पर जनता को ठग रहे हैं"*
नारायण त्रिपाठी ने सत्ता पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, "डबल इंजन, डबल इंजन चिल्लाकर ये लोगों को पागल बना रहे हैं। ये डबल इंजन नहीं है साहब, ये डबल लूट का इंजन है। एक इंजन दिल्ली में लूट रहा है, दूसरा इंजन भोपाल में लूट रहा है। दोनों मिलकर जनता की जेब काट रहे हैं।"
"मध्य प्रदेश भाजपा सरकार ने लाडली बहना के नाम पर पंद्रह सौ रुपये फेंककर और फ्री का अनाज बंटवाकर जनता को भीख मांगने का आदी बना दिया है। दिमाग में भ्रम भर दिया है कि सरकार बहुत दयालु है। लेकिन असलियत ये है कि जो पंद्रह सौ एक हाथ से दे रहे हैं, वो गैस के दाम बढ़ाकर और बिजली के बिल में आग लगाकर दोनों हाथों से छीन ले रहे हैं।"
" आदत फ्री की डाली जा रही है, और वसूली चाबुक चलाकर हो रही है। ये दया नहीं है, ये सौदा है। वोट खरीदने का सौदा। ये प्रदेश की जनता का अपमान है। ये चिंता का विषय है और हर घर में समझने का विषय है। युवाओं को समझना होगा, महिलाओं को समझना होगा, किसान को समझना होगा - कि ये पंद्रह सौ और फ्री का अनाज तुम्हारी गाढ़ी कमाई से ही वसूला जा रहा है। पहले जेब काटो, फिर सिक्का फेंको और वाहवाही लूटो। यही इनका खेल है।"
*"नेताओं की जागीर बनी सरकारी जमीन"*
आरोपों की झड़ी लगाते हुए त्रिपाठी गरजे, "सरकारी जमीन आज कई राजनीतिक पदों और नेताओं के लिए फंसी हुई है। यह सब जमीन खाली हो और बुलडोजर चलाकर इसे सुरक्षित किया जाना चाहिए। दिल्ली जैसे शहरों में जो जागीरदार नेता सरकारी जमीन पर महल बनाकर बैठे हैं, उनसे जमीन छीनकर नेताओं का अलग परिसर बनाया जाए। जो सरकारी जमीन को निजी जायदाद समझ बैठे हैं, उनसे एक-एक इंच वापस ली जानी चाहिए। यह देश की धरोहर है, इसे किसी की खुशामद गाह नहीं बनाया जा सकता।
"अगर आज भी चुप रहे तो कल रोने के सिवा कुछ नहीं बचेगा। ये सिर्फ मैहर का विश्रामगृह नहीं बिक रहा, देश की रीढ़ बेची जा रही है।"
*"एक दल का राज लाना चाहते हैं"*
त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी की साजिश को बेनकाब करते हुए कहा, "इनकी राजनीति सबसे घिनौनी है। महाराष्ट्र में बाल ठाकरे की शिवसेना को तोड़कर दो फाड़ कर दिया। असली शिवसेना और एकनाथ गुट के बीच जहर घोलकर मतभेद पैदा कर दिया। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को अजीत पवार से तुड़वा दिया। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में ठूंस दिया। बंगाल में ममता बनर्जी के पीछे जांच एजेंसियां लगा दीं। बिहार की राजनीति को दूर बैठकर रिमोट से चला रहे हैं। झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन को जेल में डाल दिया। तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम को निशाने पर ले लिया। केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के नेताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल को तोड़कर यहां भी कब्जा करना चाहते हैं।"
"पूर्व विधायक श्री त्रिपाठी ने कहा "इनका मकसद एक ही है। देश के सारे राजनीतिक दलों को खत्म कर दो। फिर एक दल, एक नेता का राज चला दो। उसके बाद बचेगा क्या? सिर्फ लूट। सिर्फ एकछत्र राज।"