*गोमांस तस्करी के आरोपी असलम चमड़ा पर लगाई रासुका, जेल से छूटते ही पुलिस ने फिर दबोचा*
भोपाल। नगर निगम के स्लाटर हाउस में गोकशी मामले में आरोपित असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को रिहाई के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने फिर जेल भेज दिया है। गिरफ्तारी के 70वें दिन जमानत मिलने पर वह जैसे ही जेल से छूटा तो पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए पकड़ा और फिर अगले दिन रासुका लगाकर जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि गोमांस तस्करी केस में आरोपित असलम के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद रासुका की कार्रवाई की गई है।
*जेल से बाहर निकलते ही मुस्तैद थी पुलिस टीम-:*
26 टन गोमांस तस्करी के मामले में पुलिस ने उस पर आठ जनवरी को केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। बुधवार को उसे कोर्ट से जमानत मिली। रात करीब 10 बजे जब असलम भोपाल सेंट्रल जेल से बाहर निकला, तो गांधीनगर पुलिस की एक टीम पहले से ही मुस्तैद थी। उसे तत्काल एक लाल रंग की कार में बैठाकर वहां से ले जाया गया। वहीं अगले दिन जहांगीराबाद पुलिस ने असलम पर रासुका लगाने के लिए प्रतिवेदन तैयार किया और जिला प्रशासन के जरिए उस पर कार्रवाई कर गुरुवार को जेल भेज दिया।
*कमिश्नर कार्यालय के सामने प्रदर्शन और पुतला दहन-:*
असलम को जमानत मिलने के बाद शहर में आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा। गुरुवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन करते हुए नगर निगम और पुलिस प्रशासन की सांकेतिक अर्थी निकाली और पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस और निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हिंदू संगठनों का आरोप है कि मामले में पुलिस ने जानबूझकर लचर जांच की है, जिससे केस कमजोर हुआ और आरोपित को जमानत मिली। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कड़ी कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
*क्या था पूरा मामला?:*
यह था मामला: 17 दिसंबर की रात में मां भवानी संगठन समेत अन्य हिंदू संगठनों ने 26 टन गोमांस से भरा एक कंटेनर पकड़ा था। कंटेनर जहांगीराबाद स्थित स्लाटर हाउस से निकलकर मुंबई जा रहा था। नगर निगम और पुलिस ने तब कंटेनर से मांस के सैंपल मथुरा लैब को जांच के लिए भेजे थे। आठ जनवरी को लैब की रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जहांगीराबाद थाना पुलिस ने स्लाटर हाउस संचालक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और कंटेनर चालक शोएब के विरुद्ध गोकशी का केस दर्ज किया था।
*एसआईटी जांच और पुलिस का पक्ष-:*
पुलिस ने आठ जनवरी को ही दोनों को गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में जांच के लिए एसीपी उमेश तिवारी के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया था और पुलिस ने छह मार्च को न्यायालय में चालान पेश किया था। केस में सप्लीमेंट्री चालान भी पेश किया जाना है। "गोमांस तस्करी प्रकरण में पुलिस और प्रशासन ने असलम चमड़ा के विरुद्ध रासुका के तहत कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। प्रकरण की पूर्ण जांच कर जल्द सप्लीमेंट्री चालान भी पेश किया जाएगा।"
* *- संजय कुमार, पुलिस आयुक्त भोपाल*