*तीन वर्ष से लापता मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को धारकुंडी पुलिस ने परिजनों से मिलाया।
दिनांक 01/09/26 को थाना धारकुंडी क्षेत्र में अतिवृष्टि के दौरान गश्त व पेट्रोलिंग के समय उत्तर प्रदेश सीमा की ओर से धारकुंडी तरफ आते समय एक व्यक्ति बारिश में भीगता और कांपता हुआ मिला। मानवीय दृष्टि से जब उससे नाम-पता पूछा गया, तो वह कुछ बता पाने में असमर्थ था। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर मिले आवश्यक दिशा-निर्देशों के तहत तथा बाढ़ की स्थिति के कारण आवागमन अवरुद्ध होने से व्यक्ति को थाना परिसर में सुरक्षित रोका गया।
थाना परिसर में देखभाल और समझाने के बाद व्यक्ति ने अपना नाम अमरपाल लोध निवासी ग्राम चकमनिया, जिला रायबरेली (उ.प्र.) बताया। वह मानसिक रूप से कमजोर प्रतीत हो रहा था। धारकुंडी पुलिस ने रायबरेली कंट्रोल रूम से संपर्क कर रायबरेली के विभिन्न थानों से मोबाइल नंबर प्राप्त किए। ग्राम चकमनिया के संबंध में जानकारी जुटाने पर पता चला कि यह गांव थाना खीरों क्षेत्र में आता है। ग्राम प्रधान से बात कर लापता व्यक्ति अमरपाल लोध के परिजनों के बारे में जानकारी ली गई, जिससे स्पष्ट हुआ कि वह करीब तीन वर्ष पूर्व अचानक लापता हो गया था। खोजबीन के दौरान अमरपाल के भतीजे धीरेंद्र लोध से संपर्क किया गया, जिसने अमरपाल लोध को अपना चाचा बताया और तीन वर्ष से लापता होने की बात की पुष्टि की। व्यक्ति को सुरक्षित घर पहुँचाने के लिए धारकुंडी पुलिस स्टाफ ने वाहन द्वारा उसे मानिकपुर रेलवे स्टेशन तक पहुँचाया, जहाँ से परिजनों के सुपुर्द किया गया। तीन साल बाद अपने परिजन को पाकर परिवार के सदस्य भावुक हो गए और उन्होंने सतना पुलिस का आभार जताया।