*बेटियों के हाथ पीले करने की तैयारी धरी रह गई, प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह।*
अमरपाटन। ब्लाक के ग्राम बिगौड़ी में प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दो सगी नाबालिग बहनों का बाल विवाह रुकवाकर एक बड़ी सामाजिक बुराई पर रोक लगाने का सराहनीय कार्य किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में 15 वर्ष एवं 13 वर्ष की दो नाबालिग बहनों का विवाह कराया जा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आया तथा तत्काल मौके पर पहुंचकर विवाह की प्रक्रिया रुकवाई गई।
बताया गया कि अमरपाटन एसडीएम आरती सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी नागेंद्र तिवारी तथा ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा अपनी टीम के साथ देर रात ग्राम बिगौड़ी पहुंचे। वहां पहुंचकर अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत होने वाली कानूनी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।
अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से समझाया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल अभिभावकों एवं सहयोग करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन की सख्ती और समझाइश के बाद दोनों बालिकाओं के माता-पिता ने विवाह रोकने पर सहमति जताई। साथ ही उन्होंने लिखित रूप से यह आश्वासन भी दिया कि बालिकाओं की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले उनका विवाह नहीं कराया जाएगा।
मौके पर पंचनामा तैयार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही परिजनों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए प्रशासन, समाज और परिवारों को मिलकर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है, ताकि बेटियों का भविष्य सुरक्षित और शिक्षित बन सके।