*🔥मध्यप्रदेश तक🔥*
*ऐसी भी क्या लाचारी साहब की खुलेआम सरपंच लगा रहा हैं थानेदार पर आरोप, कब करेंगे जाँच / कार्यवाही,पैसों का जोर प्रतिबंधित क्षेत्र से अवैध बालू की निकासी पर नहीं लग रही रोक*
मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के कुवरी, बुढ़वा और सोनघड़ियाल जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों से अवैध रूप से बालू (रेत) निकासी का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रिप हाईवा और डंपरों के माध्यम से ओवरलोड बालू का परिवहन खुलेआम किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह गतिविधियां दिन-रात जारी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिबंधों का पालन नहीं हो रहा। आरोप है कि अवैध खनन पर रोक लगाने में संबंधित जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं, जिससे रेत कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।
मझटोला क्षेत्र से भी बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहनों के जरिए बालू परिवहन किए जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा मैहर और शहडोल के कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कुवरी क्षेत्र में कथित रूप से संगठित तरीके से बालू निकासी की जा रही है, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली से बालू निकालकर स्टॉक किया जाता है और बाद में हाईवा में लोड कर परिवहन किया जाता है। अवैध खनन से प्रतिदिन लाखों रुपये के लेन-देन का भी दावा किया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच, पुलिस ने बताया कि संजय सिंह नामक व्यक्ति को पूर्व के एक मामले में न्यायालय द्वारा जारी वारंट के आधार पर 12 अप्रैल 2026 की रात गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से नगद राशि भी बरामद हुई, जिसे संबंधित दस्तावेजों के आधार पर वैध बताया गया। 13 अप्रैल को न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जमानत मिल गई।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में अवैध बालू परिवहन में थोड़ी कमी आई है, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। उनका आशंका है कि यह गतिविधियां जल्द ही फिर से तेज हो सकती हैं।
इस पूरे मामले में जहां रामनगर थाना प्रभारी पर आरोप लगाये जा रहे हैं कि थाना प्रभारी द्वारा पैसे लेकर रेत माफिया से साठ गांठ कर रेत भरे हाइबो का परिवहन करवाया जा रहा हैं तो साहब कब नजरे इनायत होगी अपने मताहत् पर, ग्रामीणों द्वारा लगातार आवेदन पत्र देकर प्रशासन से विस्तृत जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।